मेमर कर्ड में डउनलड कैसे करते हैं

जिला परिषद सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और सरपंच पद के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। भले ही यह पंचायत चुनाव है, लेकिन रोमांच लोकसभा और विधानसभा चुनाव से कम नहीं। प्रचार का तरीका भी लोकसभा और विधानसभा से थोड़ा अलग, मगर प्रचार इतना हाईटेक कि विधानसभा और लोकसभा जैसे बड़े चुनाव की याद दिलाने को काफी है। कई प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनके इंटरनेट मीडिया पर एकाउंट नहीं थे, वे भी नया एकाउंट बना-बनाकर चुनाव प्रचार करने में जुटे हुए हैं। ग्रुप बनाकर संबंधित गांव-पंचायत के लोगों को जोड़ा जा रहा है। इंटरनेट मीडिया के जरिये अंजान प्रत्याशी के लिए दूसरे लोग कैंपेनिग कर रहे हैं। कोई पूर्व में किए गए कामों को गिना रहा है तो कोई अपने विरोधियों की नाकामी को उजागर कर रहा है। यहां प्रत्याशियों के अलावा गांवों के नाम से भी अकाउंट बन गए हैं। यहां भी जोर-अजमाइश चल रही है। सारे तामझाम के साथ इस बार आडियो गानों के साथ भी प्रचार किया जा रहा है। हाईटेक प्रचार में भी कोई किसी से पीछे नहीं रहना चाहता है। कई ने तो महंगा फोन भी खरीद लिया है। सोशल मीडिया से जुड़कर प्रत्याशी अपने विचारों को मतदाताओं के साथ शेयर कर रहे हैं। कई प्रत्याशियों ने पंचायत में उन मतदाताओं को भी चिह्नित किया है, जो शहरों में हैं और वहीं से इंटरनेट चलाते हैं और अपने गांव से जुड़े हुए हैं। ऐसे मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने में यह जरिया कारगर साबित हो रहा है। प्रत्याशी नामांकन से लेकर पल-पल की गतिविधियों की जानकारी वोटरों तक पहुंचाने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल जोरों से कर रहे हैं। इस विधि से हो रहे प्रचार का तत्काल परिणाम भी कमेंट के रूप में सामने आ जाता है। इससे प्रत्याशियों को वोटरों का मन टटोलने और अपनी गलती सुधारने का मौका मिल रहा है।
सनौली(पानीपत),संवादसहयोगी।पानीपतकेसनौलीबसअड्डास्थितट्रांसफार्मरपरकामकरनेकेलिएआउटसोर्सकर्मचारीकामकरनेकेलिएचढ़ाऔरफिरजैसेही