समज कल्यण टल फ्र नंबर

हैरानी की बात है कि बिलासपुर जिला में हिदी में एमए करने के लिए विद्यार्थी ही इच्छुक नजर नहीं आ रहे हैं। जिसके चलते कॉलेज की ओर से आज तक बिलासपुर में एमए की कक्षाएं शुरू करने के लिए कोई प्रस्ताव भी नहीं भेजा गया है। ऐसे में यह बात सोचनीय है कि क्या हिदी का स्तर इतना गिर गया है कि कोई इसे अपनाना ही नहीं चाहता है। बिलासपुर में पहले विद्यार्थी हिदी की एमए करने के लिए इच्छुक नजर आते थे तथा उन्हें शिमला विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाना पड़ता था। अब बिलासपुर में कितने लोग हिदी में एमए कर रहे हैं। इसके लिए कोई आंकड़ा भी नहीं है। बिलासपुर जिला में घुमारवीं, झंडूता तथा जुखाला भी कॉलेज हैं। लेकिन इन कॉलेजों में भी हिदी केवल बीए स्तर तक ही सीमित है। हिदी पढ़ने की नहीं उठती मांग
कानपुर,जेएनएन।सरकारीमोबाइलनंबरनउठानेवालेअधिकारियोंकेखिलाफशासनसख्तहै।बावजूदइसकेकुछथानेदारअनजाननंबरनहींउठातेहैैं।दैनिकजागर
नईदिल्ली।देशकेचारसरकारीपोर्टलपरउपलब्धकरीब13.5करोड़लोगोंकेआधारनंबरऔरनिजीजानकारियांसूचनाप्रौद्योगिकीसुरक्षाकार्यप्रणालीमेंक
अमितमाही,ऊधमपुर:कहनेको108क्रिटिकलकेयरएंबुलेंसकानंबरहै,मगरऊधमपुरमेंयहनंबरजिंदगीकादूसरानामबनताजारहाहै।शुरूहोनेकेबादसेकरीबद
जागरणसंवाददाता,बरनाला:थानासिटीकेप्रभारीबलवंत¨सहब¨लगकेदिशा-निर्देशमेंथानापुलिसनेनईस्कार्पियोगाड़ीपरजालीनंबरलगाकरएकव्यक्तिक
चंडीगढ़पुलिसभलेही'वीकेयरफॉरयू'कादमभरतीहो,मगरवास्विकतामेंचंडीगढ़पुलिसकीजनताकेप्रति'सेवाभावना'सवालोंकेघेरेमेंहै।चंडीगढ़मेंस्न
संतकबीरनगर:अबहरउपभोक्ताकोबकायापैसाजमाकरनेकेदरम्यानबिजलीबिलकेसाथमोबाइलनंबरदेनाअनिवार्यहोगा।इनकामोबाइलनंबरफीडकियाजाएगा।इसस
ट्विटरपरसबसेज्यादाफॉलोकीजानेवालीभारतीयशख्सियतोंमेंसचिनतेंदुलकर7वेंनंबरपरहैं।पहलेनंबरपरप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीहैं।ट्विटरप