tamilnadu cmda recruitment 2020

साहिबगंज जिला के उधवा प्रखंड की चार पंचायतों-उत्तर पियारपुर, दक्षिण पियारपुर, मध्य पियारपुर एवं अमानत दियारा की अर्थव्यवस्था इस बार बुरे दौर से गुजर रही है। इन चार पंचायतों की पूरी आर्थिक गतिविधि ही प्रवासी मजदूरों की कमाई पर टिकी है। इन चार पंचायतों के करीब तीन हजार मजदूर हर साल रोजगार की तलाश में महाराष्ट्र व गुजरात जैसे राज्यों में जाते हैं और सालभर उस आमदनी से अपना खर्च चलाते हैं। यहां के मजदूर मार्च में जाते हैं और मई तक वहां रहते हैं। जून के प्रारंभ में लौट आते हैं। पुन: जुलाई में जाते हैं और अक्टूबर तक लौट आते हैं। प्रत्येक मजदूर औसतन 15 हजार रुपए प्रतिमाह कमाते हैं। इनमें से पांच हजार खर्च करते हैं और दस हजार रुपए गांव भेजते हैं। यानी एक माह में करीब तीन करोड़ रुपए गांव भेजते हैं। तीन माह के सीजन में करीब नौ करोड़ रुपए यहां आते हैं जो इस बार नहीं आ पाया। आगे क्या होगा इसका भी कोई ठिकाना नहीं है। इस वजह से मजदूरों के साथ-साथ इस इलाके के तमाम दुकानदार मायूस हैं। हर जगह मिल जाएंगे पियारपुर के मजदूर : 1995 तक पियारपुर उधवा प्रखंड की एक पंचायत हुआ करती थी। इसी साल पियारपुर पंचायत को उत्तर पियारपुर, दक्षिण पियारपुर, मध्य पियारपुर एवं अमानत दियारा में विभाजित कर दिया गया। आज भी चारों पंचायत समग्र रूप में पियारपुर के नाम से ही जाना जाता है। महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, मध्यप्रदेश तथा केरल तक इस पंचायत का नाम है। निर्माण उद्योगों से लेकर फल व बालू के कारोबार में यहां के मजदूरों की डिमांड है। मजदूरों को काम पर ले जाने वाले आवेदिन शेख ने बताया कि 90 के दशक से ही यहां के प्रवासी मजदूर मुंबई, नासिक सहित अन्य जगहों पर रोजगार की तलाश में जाते हैं। निर्माण उद्योगों के साथ साथ फलों के बगीचे, समुद्र तट पर बालू की लोडिग, घर घर जाकर मछली बेचने तथा फलों का जूस का कारोबार करते हैं। मुंबई में मार्च से मई माह के सीजन को आम तथा जुलाई से अक्टूबर माह के सीजन को मछली के सीजन के नाम से जाना जाता है। दूसरे ठेकेदार पियारपुर निवासी इस्माईल शेख ने बताया कि पेट की भूख व परिवार की जिम्मेदारी के कारण प्रवासी मजदूर फिर से रोजगार प्राप्त करना चाहते हैं। अगले कुछ दिनों में यहां के प्रवासी मजदूरों ने गुजरात तथा महाराष्ट्र जाने की तैयारी में हैं। आंध्रप्रदेश तथा ओडिशा से भी मजदूरों की मांग की जा रही है। गोड्डा के अडानी प्लांट के लिए वहां के लोगों ने मजदूरों से संपर्क साधा है। उत्तर पियारपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि हबीबुर रहमान ने बताया कि तीन दशक पूर्व यहां अधिकांश लोगों का घर झुग्गी झोपड़ी का था लेकिन महानगरों में रोजगार कर यहां के लोगों ने जीवन स्तर को उन्नत बना लिया है। इस बार लॉकडाउन के कारण रोजगार छिन जाने से किराना, कपड़ा, फल, साग सब्जियों तथा मीट मछली की दुकानों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। फल दुकानदार सफीक शेख ने बताया कि कोरोना संकट ने पियारपुर बाजार की चहल पहल को समाप्त कर दिया है। उत्तर पियारपुर की मुखिया सायराबानो बीबी ने बताया कि पियारपुर पंचायत में रोजगार के अवसर कम हैं। खेती के लिए प्रत्येक परिवार के पास जमीन नहीं है। प्रवासी मजदूरों को अगर रोजगार नहीं मिलता है तो यहां प्रतिवर्ष दस से 15 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होगा जिसकी भरपाई कर पाना मुश्किल है। इसके लिए सरकार को प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के लिए पहल करने की जरूरत है।
नईदिल्ली,जेएनएन।बॉलीवुडऔरसाउथसिनेमाकीकईसारीफिल्मोंकाहिस्सारहचुकींएमीजैक्सननेबीतेसोमवारबेटेकोजन्मदियाहै।एमीनेइसबातकीजानका
नईदिल्ली,जेएनएन।महाराष्ट्रऔरउसकीराजधानीमुंबईपिछलेकुछसमयसेलगातारकोरोनावायरसकीमारझेलरहीहै।ऐसेमेंसेलेब्सकेआस-पासऔरटीमसेभीको
प्रयागराज,जेएनएन।प्रयागराजकेथोकबाजारमुंडेरासब्जीमंडीमेंइनदिनोंमध्यप्रदेशऔरमहाराष्ट्रकीसब्जियांज्यादाछाईहैं।इससेहरीसब्जिय
देशभरमेंमशहूरहुआकोरोनाहेल्मेटहैदराबादपुलिसनेलॉकडाउनकीधज्जियांउड़ानेवालोंकोकुछइसतरहसेसमझाया।आइएआपकाइंतजारथाछत्तीसगढ़कीबिल
अवधकेसबसेबड़ेगढ़ोंमेंसेएकसुल्तानपुरमेंमुकाबलात्रिकोणीयहै.यहांभाजपाकीऊषासिंहसपाकीकेशादेवीऔरनिर्दलीयअर्चनासिंहकेबीचकांटेका
मुरादाबाद।कोरोनामहामारीमेंजिलाधिकारीराकेशकुमारसिंहकीअनोखीपहलदेखनेकोमिलीहै।जोलोगपॉजिटिवआरहेहैंउनकाडाटाजिलाप्रशासनकेपासहै।
कोलंबो,पीटीआइ।भारतकेखिलाफ त्रिकोणीयसीरीज़केफाइनलसेपहलेबांग्लादेशकेकप्तानशाकिबअलहसननेएकऐसाबयानदियाहै,जोभारतीयटीमकीपरेशानी
नईदिल्ली।भारतीयक्रिकेटटीमकेओपनरबल्लेबाजशिखरधवननेखुलासाकियाहैकिटीमइंडियामेंउकेसबसेबेस्टफ्रेंडकौन-कौनहैं।धवनकेलिस्टमेंनातो
कांग्रेसपार्टीआजअपना136वांस्‍थापनादिवसमनारहीहै।हालांकिपूर्वअध्‍यक्षराहुलगांधीइसमौकेपरभारतमेंनहींहै।वहएक'निजीयात्रा'परविद
प्रयागराज,जेेएनएन।त्रिस्तरीयपंचायतचुनावकोशांतिपूर्वकसंपन्नकरानेकेलिएपुलिसऔरप्रशासननेकमरकसलियाहै।दोदिनसेगंगापारऔरयमुनापार
हिसार,जेएनएन।हिसारमेेकोरोनाकेकेसबढ़तेहीजारहेहैं।फेस्‍टीवलसीजनऔरसर्दीकेबढ़नेकेसाथहीकोरोनाकेकेसफैलतेजारहेहैं।बीतेएकमहीनेसे
जागरणसंवाददाता,झज्जर:कोरोनामहामारीसेबचावकेलिएराष्ट्रव्यापीजनजागरूकतामुहिममेंसभीकोभागीदारबनतेहुएकोरोनासेदूरीबनाएरखनीहै।डी
मुरादाबाद,जेएनएन। ऑक्सीजनकोलेकरहालातबिगड़तेजारहेहैं।बड़ेअस्पतालोंमेंतोजैसे-तैसेव्यवस्थाबनीहुईहैलेकिन,छोटेअस्पतालोंमेंऑक्
मुरादाबाद,जेएनएन।पंचायतचुनावजीतकरप्रधानकीकुर्सीपरबैठनेवालोंकेलिएखुशखबरीहै।उन्हेंचुनावजीतनेकेबादहाईटेकऑफिसमिलेगा।प्रदेशसर
मुरादाबाद,जागरणसंवाददाता। सादेड्रेसमेंट्रेनोंसेकांवडियाहरिद्वारपहुंचरहेहैंऔरथैलेमेंगंगाजलकीबोतलकोलेकरट्रेनसेवापसचलदेतेहै
संवादसहयोगी,जामताड़ा:जिलास्तरीयकोरोनाअस्पतालमेंआउटसोर्सिंगकेतहतकामकररहेएकदर्जनसेअधिकअस्पतालकर्मियोंकोपिछलेदोमाहसेमानदेयरा
जम्मू,राज्यब्यूरो।केंद्रशासितप्रदेशजम्मू-कश्मीरमेंमंगलवारकोकोरोनासंक्रमणमेंभारीउछालदेखनेकोमिला।श्रीमातावैष्णोदेवीयूनिवर्
तोक्यो,छहसितंबर(एपी)जापानमेंटीकाकरणमामलोंकेकैबिनेटमंत्रीतारोकोनोदेशकेअगलेप्रधानमंत्रीपदकेलिएलोगोंकीपहलीपसंदहैं।यहखुलासास